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सुन सरहद की एक कहानी

Posted On: 30 May, 2017 में

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मेंरी छोटी गुङिया रानी ,
सुन सरहद की एक कहानी ।
ऊँचे-ऊँचे पर्वतों में ,
हिमच्छादित मोंटी चादरें ।
सासें लेना नामुमकिन सा ,
तीव्र होती धङकनें !
गुर्राहट भालुओं की !
हुआ-हुआ करता हुआ सियार ।
गरजते शेर गुफाओं में,
कभी हाथियों की चिंघाङ !
डरी- सहमी सी गुङिया रानी !
अनसुनी सी सुनी कहानी ।
ठुनक-ठुनक तुतलाकर बोली ,
लूठ चली तेली गुलिया लानी ।
साहस गिरता देख जवान !
बोला जय-जय हिन्दुस्तान ।
शौर्य साहस शक्ति हमारी ,
हो मातृभमि हेतु कुर्बान ।

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